Mustered Oil Price Drop : नए साल की बहार सरसों तेल के भावों में भी दिख रही है क्योंकि देशभर में सरसों तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले कुछ हफ्तों से उच्चतर रेट देखने को मिले थे, लेकिन सरकार की नीतियों और मंडी सप्लाई में व्यापक सुधार के कारण अब भाव नीचे आ चुके हैं। इससे रोजमर्रा की खपत वाली इस जीवनोपयोगी वस्तु पर आम जनता को राहत मिलने लगी है।
अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आज आपके शहर में सरसों तेल का भाव क्या है और यह गिरावट आपके बजट पर कितना असर डाल सकती है, तो यह आर्टिकल आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। नीचे हम विस्तार से बताएँगे कि भाव गिरने के मुख्य कारण क्या हैं, ताज़ा रेट कैसे चेक करें और इस गिरावट का ग्रामीण व शहरी उपभोक्ताओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
आज के सरसों तेल के ताज़ा भाव
सरसों तेल के भाव में हाल की गिरावट का असर कई प्रमुख मंडियों में साफ़ देखा जा रहा है और आज के ताज़ा रेट पिछले सप्ताह की तुलना में काफी नीचे हैं। एक्सपर्टों के अनुसार, इस साल कल की तुलना में सरसों तेल की कीमतें औसतन 5 % से 10 % तक कम हुई हैं, जिससे घरेलू खपत पर सीधे असर पड़ रहा है। इससे न केवल दैनिक घरेलू खर्चों में कमी आएगी, बल्कि छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा। शहरों और ग्रामीण इलाकों दोनों में वही ट्रेंड नजर आ रहा है जहाँ भाव धीरे-धीरे नीचे आ रहे हैं।
यह भी पढ़े : Ration Card New Rule 2026 : नए साल से राशन कार्ड सिस्टम में बदलाव, 1 जनवरी 2026 से लागू होंगे नए नियम

सरसों तेल भाव गिरने के प्रमुख कारण
सरसों तेल के भावों के टूटने के पीछे कई कारण हैं, जिनमें प्रमुख हैं सरकारी कृषि नीतियों में बदलाव, सरसों की बेहतर फसल और निर्यात-आयात संतुलन में सुधार। इन सबका मिश्रित असर बाजार पर पड़ा है और सरसों तेल की मांग-पूर्ति के संतुलन में बदलाव आया है, जिससे भावों पर दबाव आया है और कीमतें गिरने लगी हैं। बढ़ती उत्पादन क्षमता और बेहतर स्टॉक मैनेजमेंट ने भी इस गिरावट में योगदान दिया है।
आज के प्रमुख शहरों में सरसों तेल के ताजा भाव की बात करें तो दिल्ली में सरसों तेल लगभग ₹165–170 प्रति लीटर, जयपुर में ₹160–166 प्रति लीटर, लखनऊ में ₹158–164 प्रति लीटर, पटना में ₹155–162 प्रति लीटर, भोपाल में ₹156–163 प्रति लीटर और कोलकाता में ₹162–168 प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। अलग-अलग ब्रांड, पैकिंग और स्थानीय टैक्स के कारण इन रेट्स में हल्का अंतर देखने को मिल सकता है।
ग्रामीण व शहरी उपभोक्ताओं पर असर
सरसों तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों उपभोक्ताओं को मिल रहा है। जहाँ ग्रामीण इलाकों में घरों की खपत पर यह राहत देती है, वहीं शहरों में रेस्तरां और छोटे खाद्य व्यवसायों को भी इनपुट लागत कम करने में मदद मिल रही है। खासकर त्योहारों और शादियों के सीज़न में इस गिरावट का सकारात्मक असर ग्राहकों की जेब पर पड़ा है और बाजार में खरीद-बिक्री सक्रिय बनी हुई है।
नई साल के आते ही सरसों तेल के भावों में आई गिरावट उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। आज के मंडी भावों को चेक करके आप अपने ख़र्चों का बेहतर प्रबंधन कर सकते हैं, स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं से सस्ते रेट पर सामान ले सकते हैं और अपने रोज़मर्रा के बजट में बचत कर सकते हैं। बाजार के रुझान लगातार बदल रहे हैं, इसलिए नियमित रूप से भावों को चेक करते रहना हमेशा लाभदायक रहेगा।