Floating WhatsApp Button WhatsApp Icon

Gehun Ke Liye Best Khad : गेहूं की दूसरी सिंचाई में डाल दें यह खाद, फसल देगी दोगुना फुटाव और बंपर पैदावार

Gehun Ke Liye Best Khad : रबी सीजन में गेहूं की खेती करने वाले किसानों के लिए यह समय बेहद अहम है। जिन किसानों ने पहली सिंचाई सही समय पर कर ली है, उनके लिए अब दूसरी सिंचाई सबसे निर्णायक साबित हो सकती है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, अगर दूसरी सिंचाई के साथ सही खाद का इस्तेमाल कर लिया जाए, तो गेहूं में फुटाव दोगुना हो जाता है और बालियों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलती है।

कई किसान केवल सिंचाई करके ही संतुष्ट हो जाते हैं, लेकिन यही सबसे बड़ी गलती बन जाती है। दूसरी सिंचाई के समय पोषक तत्वों की कमी होने पर पौधा कमजोर रह जाता है, जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ता है। अगर इस मौके को सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो प्रति एकड़ उत्पादन में बड़ा उछाल आ सकता है।

गेहूं की दूसरी सिंचाई क्यों होती है सबसे जरूरी


गेहूं की दूसरी सिंचाई आमतौर पर बिजाई के 40 से 45 दिन बाद की जाती है। इस समय पौधा टिलरिंग यानी फुटाव की अवस्था में होता है। इसी स्टेज पर तय होता है कि खेत में कितनी कल्ले निकलेंगी और आगे चलकर कितनी बालियां बनेंगी। अगर इस समय नमी और पोषण दोनों सही मिल जाएं, तो पौधा मजबूत बनता है और उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।

यह भी पढ़े : श्रम कार्ड धारकों के खाते में आने लगे ₹3,000, यहां से तुरंत चेक करें

Gehun Ke Liye Best Khad

दूसरी सिंचाई में कौन-सी खाद डालनी चाहिए


कृषि विशेषज्ञों के अनुसार दूसरी सिंचाई के साथ नाइट्रोजन युक्त खाद देना सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है। इस समय यूरिया की उचित मात्रा देने से पौधों में हरियाली बढ़ती है और फुटाव तेज होता है। जिन खेतों में मिट्टी हल्की है या पहले खाद कम दी गई थी, वहां यह खाद और भी जरूरी हो जाती है। कई जगह किसान सल्फर या जिंक की कमी की शिकायत करते हैं, ऐसे में मिट्टी परीक्षण के आधार पर सूक्ष्म पोषक तत्व देना लाभदायक रहता है।

खाद डालने का सही तरीका क्या है


दूसरी सिंचाई से ठीक पहले या सिंचाई के पानी के साथ खाद डालना सबसे बेहतर माना जाता है। इससे खाद सीधे जड़ों तक पहुंचती है और उसका पूरा लाभ पौधे को मिलता है। सूखी जमीन में खाद डालकर सिंचाई करने से भी अच्छा परिणाम देखने को मिलता है। ध्यान रखें कि जरूरत से ज्यादा खाद डालना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा ही इस्तेमाल करें।

दूसरी सिंचाई में की गई गलती पड़ सकती है भारी


अगर इस समय सिंचाई में देरी हो जाए या खाद न डाली जाए, तो फुटाव कम हो जाता है। बाद में चाहे कितनी भी देखभाल कर लें, वह कमी पूरी नहीं हो पाती। कई बार ज्यादा पानी भर देने से जड़ें सड़ने लगती हैं, इसलिए हल्की और नियंत्रित सिंचाई ही करें।

गेहूं की दूसरी सिंचाई सिर्फ पानी देने का काम नहीं है, बल्कि यह पूरी फसल की दिशा तय करने वाला चरण है। सही समय पर सिंचाई और उचित खाद का इस्तेमाल करने से किसान अपनी गेहूं की पैदावार में साफ तौर पर बढ़ोतरी देख सकते हैं। अगर इस स्टेज को सही तरीके से संभाल लिया जाए, तो रिकॉर्ड उत्पादन पाना बिल्कुल संभव है।

Leave a Comment